सुख के सागर कबीर प्रभु है जो साधक की आयु बढ़ा सकते हैं। और वो ही #सबका_मालिक_एक है जिसने सम्मन के पुत्र सेउ का कटा शीश फिर से धड़ पर लगाकर उसकी आयु बढ़ाई थी।
वर्तमान समय में संत रामपाल जी महाराज ही कबीर परमेश्वर के रूप में आए हुए हैं उनसे नाम दीक्षा लेकर अपना कल्याण कराएं। अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए साधना टीवी पर सत्संग शाम 7:30 से 8:30 तक।।
# 52_Cruelities_On_GodKabir कबीर साहिब जी ने हमेशा ही सच्चे ज्ञान को बताने का प्रयास किया, जिसके कारण से आज से 600 साल पहले जब कबीर परमात्मा धरती पर आए थे तब भी हिंदू और मुस्लिम धर्म के धर्मगुरु कबीर साहिब जी के खिलाफ थे, क्योंकि कबीर साहिब जी, हमेशा सत्य बातें बताते थे और कबीर परमात्मा कहते हैं जो अपना होता है वह सत्य बात करता है और सत्य बात कड़वी होती है जिसके कारण से हिन्दूओं के धर्मगुरु तथा मुसलमानों के काजी हमेशा ही कबीर साहिब जी से नाराज़ रहते थे।। जिसके कहीं प्रमाण जब कबीर साहेब जी सिकंदर लोधी के दरबार में बैठकर सत्संग कर रहे थे,तब शेखतकी ने सिपाही से कहा कि लोहे को गर्म करके पिघलाकर पानी की तरह बनाओ और कबीर साहेब पर डालो। ठीक ऐसा ही हुआ जब लोहा गर्म करके पिघलाकर कबीर साहेब पर डाला तब वह फूल बन गए जैसे की मानो फूलों की वर्षा होने लगी। तब सभी ने कबीर साहेब की जय जयकार लगाई। इसी प्रकार से कबीर साहेब जब सत्संग कर रहे थे तब शेखतकी ने सिपाही से कहा कि इनके गले में जहरीला साँप डाल दो लेकिन वो साँप कबीर साहेब के गले में डालते ही सुंदर पुष्पों की माला बन गया। क्यो...
# GodKabir_CreatorOfUniverse हम सब ने आज तक यही सुना होगा, कि कबीर एक महान कवि थे लेकिन वास्तव में वे महान कवि नहीं सम्पूर्ण सृष्टि के रचयिता भी हैं जिसकी जानकारी आज तक हमारे पास नहीं पहुंच, जिनके बारे में ,वेद,पुराण, कुरान सभी गवाह देते हैं "सृष्टि के उत्पत्ति कर्ता पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी" है #इन्होंने_देखा_है_परमात्मा आदरणीय गरीबदास साहेब जी की अमृतवाणी में सृष्टी रचना का प्रमाण है आदि रमैणी (सद् ग्रन्थ पृष्ठ नं. 690 से 692 तक) आदि रमैंणी अदली सारा। जा दिन होते धुंधुंकारा ।। सतपुरुष कीन्हा प्रकाशा। हम होते तखत कबीर खवासा ।। अर्थात पहले केवल अंधकार था तथा पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी सत्यलोक में तख्त पर विराजमान थे। हम वहाँ चाकर थे। परमात्मा ने ज्योति निरंजन को उत्पन्न किया। फिर उसके तप के प्रतिफल में इक्कीस ब्रह्मण्...
राजनीति और हमारा समाज www.jagatgururampalji.org आज इस आधुनिक युग ने हमारे सभ्य समाज को किस स्थिति में लाकर छोड दिया है जिसको आजका शिक्षित समाज खुद जानता भी हैं लेकिन इसमें सबसे खास बात है कि राजनीति के कारण जो हमारा सुखी और सम्प्नन समाज था उसको कुछ स्वार्थी लोगों ने वोटों की राजनीति के लिए तोडकर रख दिया।जिसके कारण आज आपस में लडाई झगड़ों तथा भाईचारे मैं खतरा उत्पन्न हो गया है लेकिन इन सबका समाधान वर्तमान समय में हरियाणा की धरती पर स्वयं पूर्ण परमेश्वर के रूप में आए संत रामपाल जी महाराज के द्वारा एक स्वच्छ समाज को तैयार किया जा रहा है उनका एक ही नारा हैं जीव हमारी जाति मानव धर्म हमारा हिन्दू मुस्लिम सुख ईसाई धर्म नहीं कोई न्यारा इस सिद्धांत से अब पुरा विश्व एक होगा अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप भी अवश्य देखिए साधना चैनल पर सत्सग शाम 7:30 से 8:30 तक।। प्राचीन समय में राजनीति का तात्पर्य होता था। राज्य की नीति ,मतलब राज्य में रहने वाले सभी जनता के लिए आर्थिक हो या सामाजिक सभी तरह से अच्छी सुरक्षा हो सके इसके लिए राज्य मैं जनता की सुरक्षा के कुछ नीति (...
Comments
Post a Comment
और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हम से जुडिए रहिएगा।।