Posts

इन्द्रमती की कहानी

#रानी_इन्द्रमती_की_अनसुनी_कहानी अवश्य देखिए आज शाम 7:30 बजे हमारे चैनल Facebook पर Spiritual Leader Saint Rampal Ji ओर YouTube पर Sant Rampal Ji Maharaj

#Godkabir_prasthanDiwas

#BodhDiwas_Of_SaintRampalJi

Image
#BodhDiwas_Of_SaintRampalJi संत रामपाल जी महाराज  का आज 17 फरवरी को बोध दिवस है जिनके बारे में #नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी में कहा है कि कई सदियों से ना देखा ऐसा हिन्दुओं का सुख साम्राज्य दृष्टिगोचर होगा। #हिंदुस्तान में पैदा हुआ धार्मिक संत ही तत्वदृष्टा तथा जग का #तारणहार होगा। परमेश्वर कबीर जी ने कहा था कि ‘‘पृथ्वी और आकाश टल सकते हैं, सूर्य का अटल सिद्धांत है उदय-अस्त, वो भी निरस्त हो सकता है, लेकिन मेरी बातें कभी झूठी नहीं हो सकती। जब #कलयुग 5500 वर्ष बीत जाएगा तब एक महापुरूष जगत का उद्धार करने के लिए आएगा। वह #महापुरुष संत रामपाल जी महाराज जी हैं जिनका आज 17 फरवरी को बोध दिवस है। अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए साधना टीवी पर सत्संग शाम 7:30 से 8:30 तक।। #सद्गुरुजी_का_बोधदिवस

दीपावली मनाना कितना सही है

Image
दीपावली क्यों मनाई जाती है :-                    जैसा कि पौराणिक कथाओं के अनुसार दीपावली मनाई जाती हैं इसमें दीपावली मनाने के लिए हमारे शास्त्र में कोई प्रमाण नहीं है लेकिन जैसा की पौराणिक कथा के आधार पर आम व्यक्ति दीपावली मनाता है विशेषकर हिंदू समाज के लोग इसमें उनका मानना है कि जब भगवान श्री राम को उनकी माता कैकई ने दशरथ जी से कहलवा कर 14 वर्ष का वनवास करवाया, जब वनवास पूर्ण करके साथ ही तीन लोक की देवी माता सीता जी को रावण की कैद से छूडाकर जब भगवान श्री राम जी अयोध्या नगरी वापस आए तो उस दिन घी   के दीपक लगाकर खुशी के रूप में मनाया जो आगे चलकर एक परम्पर चल गई,और उसी दिन के बाद हर बर्ष कार्तिक मास की पूर्णिमा को दिवाली के रूप में मनाना शुरू किया गया      लेकिन विचार करने की बात है जब भगवान श्री राम ने माता सीता को अग्नि परीक्षा लेकर घर लेकर आए, लेकिन फिर भी एक धौबी के कहने मात्र से माता सीता को वन को छोड़ आए, तो फिर यह खुशी कैसी हुई क्यो जिसकी पत्नी,और बच्चे अलग रहते हो उसको स्वन में भी खुशी नहीं हो सकती, इसलिए य...

बॉलीवुड कितना ठीक है

Image
जैसा कि आप सभी जानते ही हैं बॉलीवुड यह पश्चिमी सभ्यता की देन है हमारी भारतीय संस्कृति में कभी भी बॉलीवुड का कोई भी रोल नहीं रहा है वर्तमान समय में बॉलीवुड हमारी भारतीय संस्कृति पर इतनी हावी हो चुकी है कि भारतीय संस्कृति की जड़ को भी समाप्त कर दिया है बॉलीवुड में केवल चंद लोग अपना धन अर्जित करने के लिए आज पूरी भारतीय संस्कृति को नहीं पुरे विश्व को विनाश के कगार पर लाकर छोड़ दिया है आज हर समाज का युवा फिजूलखर्ची करता है नशा करता है यह सब बॉलीवुड की देन है        जैसा कि आप जानते हैं भारतीय संस्कृति के लोग पहले संयुक्त परिवार में रहते थे आपसी भाईचारा था सभी वेशभूषा सभ्य खानपान यह सभी भारतीय संस्कृति का मूल आधार था जबकि पश्चिमी सभ्यता के कारण जिसमें बॉलीवुड का विशेष भुमिका  रही है जिसके कारण से हमारे को सबसे बड़ी हानि हुई संस्कृति का विनाश कर दिया है                            आज आप देख सकते हैं वेशभूषा जो भारतीय संस्कृति की एक अलग से पहचान थी वह आज नाम निशान की र...

मोबाइल फोन के लाभ और हानि

Image
मोबाइल फोन आज के समय में मोबाइल फोन का हमारे जीवन में एक अहम भूमिका है इसमें चाहे अमीर हो या गरीब हो सभी मोबाइल फोन से जुड़े हुए हैं अभी किसी के पास मोबाइल ना हो तो उसको ढूंढना बड़ा ही दुर्लभ हो गया है इससे कई लाभ भी हैं कोई नुकसान भी हैं जिनके बारे में आपको जानकारी बताई जा रही है मोबाइल फोन के लाभ:-  मोबाइल फोन के जरिए आप कहीं भी किसी समय किसी से संपर्क कर सकते हैं मोबाइल फोन के माध्यम से फोटो व वीडियो खींच सकते हैं किसी प्रकार की घटना का लाइव भी चला सकते हैं मोबाइल फोन के माध्यम से आप किसी प्रकार का डाटा भी सेव कर सकते हैं एक स्थान से दूसरे स्थान पर डाटा भेज सकते हैं डॉक्यूमेंट की फोटो भी भेज सकते हैं इसके अलावा मोबाइल के माध्यम से समय भी देख सकते हैं कैलेंडर का भी उपयोग आजकल मोबाइल में ज्यादातर होने लगा हैं  इसके अलावा आप किसी स्थान भ्रमण करने जाते हो या कहीं जाते हो तो वहां की लोकेशन भी मोबाइल के माध्यम से आप सर्च कर सकते हैं और आसानी से उसी स्थान पर आप पहुंच सकते हैं।। इसके अलावा सबसे अहम भूमिका मोबाइल की वर्तमान समय में फायदा उठाने के लिए मनुष्य के लिए सबसे अहम बात है भा...

पर्यावरण के फायदे

Image
पर्यावरण (अंग्रेज़ी: Environment ) शब्द का निर्माण दो शब्दों से मिल कर हुआ है। "परि" जो हमारे चारों ओर है"आवरण" जो हमें चारों ओर से घेरे हुए है। पर्यावरण उन सभी भौतिक, रासायनिक एवं जैविक कारकों की समष्टिगत इकाई है जो किसी जीवधारी अथवा पारितंत्रीय आबादी को प्रभावित करते हैं तथा उनके रूप, जीवन और जीविता को तय करते हैं। सामान्य अर्थों में यह हमारे जीवन को प्रभावित करने वाले सभी जैविक और अजैविक तत्वों, तथ्यों, प्रक्रियाओं और घटनाओं के समुच्चय से निर्मित इकाई है। यह हमारे चारों ओर व्याप्त है और हमारे जीवन की प्रत्येक घटना इसी के अन्दर सम्पादित होती है तथा हम मनुष्य अपनी समस्त क्रियाओं से इस पर्यावरण को भी प्रभावित करते हैं। इस प्रकार एक जीवधारी और उसके पर्यावरण के बीच अन्योन्याश्रय संबंध भी होता है। पर्यावरण के जैविक संघटकों में सूक्ष्म जीवाणु से लेकर कीड़े-मकोड़े, सभी जीव-जंतु और पेड़-पौधे आ जाते हैं और इसके साथ ही उनसे जुड़ी सारी जैव क्रियाएँ और प्रक्रियाएँ भी। अजैविक संघटकों में जीवनरहित तत्व और उनसे जुड़ी प्रक्रियाएँ आती हैं, जैसे: चट्टानें, पर्वत, नदी, ह...