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पाखंड का पर्दाफाश ।।

अभी तो देखिए एक झलक -  "पाखंडी बाबाओं झूठ से बाज आ जाओ - शर्म करो,शर्म करो"।  पूरा वीडियो देखना न भूलें➡️ 11 जनवरी 2025 दोपहर 12 बजे।  ।। संसार को पाखंड से बचाएं ।। संत रामपाल जी महाराज के तत्वज्ञान को जन -जन तक पहुंचाएं।। Here's a sneak peek - "Hypocrite Babas, stop lying - Have some shame, have some shame." Don't forget to watch the full video ➡️ January 11, 2025, at 12 PM. Let's save the world from hypocrisy. Let's spread the true spiritual knowledge of Sant Rampal Ji Maharaj to the masses. Special Video: Exposing India's Fake Gurus!

इन्द्रमती की कहानी

#रानी_इन्द्रमती_की_अनसुनी_कहानी अवश्य देखिए आज शाम 7:30 बजे हमारे चैनल Facebook पर Spiritual Leader Saint Rampal Ji ओर YouTube पर Sant Rampal Ji Maharaj

#Godkabir_prasthanDiwas

#BodhDiwas_Of_SaintRampalJi

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#BodhDiwas_Of_SaintRampalJi संत रामपाल जी महाराज  का आज 17 फरवरी को बोध दिवस है जिनके बारे में #नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी में कहा है कि कई सदियों से ना देखा ऐसा हिन्दुओं का सुख साम्राज्य दृष्टिगोचर होगा। #हिंदुस्तान में पैदा हुआ धार्मिक संत ही तत्वदृष्टा तथा जग का #तारणहार होगा। परमेश्वर कबीर जी ने कहा था कि ‘‘पृथ्वी और आकाश टल सकते हैं, सूर्य का अटल सिद्धांत है उदय-अस्त, वो भी निरस्त हो सकता है, लेकिन मेरी बातें कभी झूठी नहीं हो सकती। जब #कलयुग 5500 वर्ष बीत जाएगा तब एक महापुरूष जगत का उद्धार करने के लिए आएगा। वह #महापुरुष संत रामपाल जी महाराज जी हैं जिनका आज 17 फरवरी को बोध दिवस है। अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए साधना टीवी पर सत्संग शाम 7:30 से 8:30 तक।। #सद्गुरुजी_का_बोधदिवस

दीपावली मनाना कितना सही है

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दीपावली क्यों मनाई जाती है :-                    जैसा कि पौराणिक कथाओं के अनुसार दीपावली मनाई जाती हैं इसमें दीपावली मनाने के लिए हमारे शास्त्र में कोई प्रमाण नहीं है लेकिन जैसा की पौराणिक कथा के आधार पर आम व्यक्ति दीपावली मनाता है विशेषकर हिंदू समाज के लोग इसमें उनका मानना है कि जब भगवान श्री राम को उनकी माता कैकई ने दशरथ जी से कहलवा कर 14 वर्ष का वनवास करवाया, जब वनवास पूर्ण करके साथ ही तीन लोक की देवी माता सीता जी को रावण की कैद से छूडाकर जब भगवान श्री राम जी अयोध्या नगरी वापस आए तो उस दिन घी   के दीपक लगाकर खुशी के रूप में मनाया जो आगे चलकर एक परम्पर चल गई,और उसी दिन के बाद हर बर्ष कार्तिक मास की पूर्णिमा को दिवाली के रूप में मनाना शुरू किया गया      लेकिन विचार करने की बात है जब भगवान श्री राम ने माता सीता को अग्नि परीक्षा लेकर घर लेकर आए, लेकिन फिर भी एक धौबी के कहने मात्र से माता सीता को वन को छोड़ आए, तो फिर यह खुशी कैसी हुई क्यो जिसकी पत्नी,और बच्चे अलग रहते हो उसको स्वन में भी खुशी नहीं हो सकती, इसलिए य...

बॉलीवुड कितना ठीक है

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जैसा कि आप सभी जानते ही हैं बॉलीवुड यह पश्चिमी सभ्यता की देन है हमारी भारतीय संस्कृति में कभी भी बॉलीवुड का कोई भी रोल नहीं रहा है वर्तमान समय में बॉलीवुड हमारी भारतीय संस्कृति पर इतनी हावी हो चुकी है कि भारतीय संस्कृति की जड़ को भी समाप्त कर दिया है बॉलीवुड में केवल चंद लोग अपना धन अर्जित करने के लिए आज पूरी भारतीय संस्कृति को नहीं पुरे विश्व को विनाश के कगार पर लाकर छोड़ दिया है आज हर समाज का युवा फिजूलखर्ची करता है नशा करता है यह सब बॉलीवुड की देन है        जैसा कि आप जानते हैं भारतीय संस्कृति के लोग पहले संयुक्त परिवार में रहते थे आपसी भाईचारा था सभी वेशभूषा सभ्य खानपान यह सभी भारतीय संस्कृति का मूल आधार था जबकि पश्चिमी सभ्यता के कारण जिसमें बॉलीवुड का विशेष भुमिका  रही है जिसके कारण से हमारे को सबसे बड़ी हानि हुई संस्कृति का विनाश कर दिया है                            आज आप देख सकते हैं वेशभूषा जो भारतीय संस्कृति की एक अलग से पहचान थी वह आज नाम निशान की र...

मोबाइल फोन के लाभ और हानि

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मोबाइल फोन आज के समय में मोबाइल फोन का हमारे जीवन में एक अहम भूमिका है इसमें चाहे अमीर हो या गरीब हो सभी मोबाइल फोन से जुड़े हुए हैं अभी किसी के पास मोबाइल ना हो तो उसको ढूंढना बड़ा ही दुर्लभ हो गया है इससे कई लाभ भी हैं कोई नुकसान भी हैं जिनके बारे में आपको जानकारी बताई जा रही है मोबाइल फोन के लाभ:-  मोबाइल फोन के जरिए आप कहीं भी किसी समय किसी से संपर्क कर सकते हैं मोबाइल फोन के माध्यम से फोटो व वीडियो खींच सकते हैं किसी प्रकार की घटना का लाइव भी चला सकते हैं मोबाइल फोन के माध्यम से आप किसी प्रकार का डाटा भी सेव कर सकते हैं एक स्थान से दूसरे स्थान पर डाटा भेज सकते हैं डॉक्यूमेंट की फोटो भी भेज सकते हैं इसके अलावा मोबाइल के माध्यम से समय भी देख सकते हैं कैलेंडर का भी उपयोग आजकल मोबाइल में ज्यादातर होने लगा हैं  इसके अलावा आप किसी स्थान भ्रमण करने जाते हो या कहीं जाते हो तो वहां की लोकेशन भी मोबाइल के माध्यम से आप सर्च कर सकते हैं और आसानी से उसी स्थान पर आप पहुंच सकते हैं।। इसके अलावा सबसे अहम भूमिका मोबाइल की वर्तमान समय में फायदा उठाने के लिए मनुष्य के लिए सबसे अहम बात है भा...

पर्यावरण के फायदे

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पर्यावरण (अंग्रेज़ी: Environment ) शब्द का निर्माण दो शब्दों से मिल कर हुआ है। "परि" जो हमारे चारों ओर है"आवरण" जो हमें चारों ओर से घेरे हुए है। पर्यावरण उन सभी भौतिक, रासायनिक एवं जैविक कारकों की समष्टिगत इकाई है जो किसी जीवधारी अथवा पारितंत्रीय आबादी को प्रभावित करते हैं तथा उनके रूप, जीवन और जीविता को तय करते हैं। सामान्य अर्थों में यह हमारे जीवन को प्रभावित करने वाले सभी जैविक और अजैविक तत्वों, तथ्यों, प्रक्रियाओं और घटनाओं के समुच्चय से निर्मित इकाई है। यह हमारे चारों ओर व्याप्त है और हमारे जीवन की प्रत्येक घटना इसी के अन्दर सम्पादित होती है तथा हम मनुष्य अपनी समस्त क्रियाओं से इस पर्यावरण को भी प्रभावित करते हैं। इस प्रकार एक जीवधारी और उसके पर्यावरण के बीच अन्योन्याश्रय संबंध भी होता है। पर्यावरण के जैविक संघटकों में सूक्ष्म जीवाणु से लेकर कीड़े-मकोड़े, सभी जीव-जंतु और पेड़-पौधे आ जाते हैं और इसके साथ ही उनसे जुड़ी सारी जैव क्रियाएँ और प्रक्रियाएँ भी। अजैविक संघटकों में जीवनरहित तत्व और उनसे जुड़ी प्रक्रियाएँ आती हैं, जैसे: चट्टानें, पर्वत, नदी, ह...

जन्माष्टमी

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जन्‍माष्‍टमी :-  भगवान श्रीकृष्‍ण का जन्‍म भाद्रपद यानी कि भादो माह की कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी को रोहिणी नक्षत्र में वृन्दावन हुआ था जिसके उपलक्ष्य में मनाया जाता है भगवान श्री कृष्ण के पालन पोषण के बारे में बताया गया है कि माता यशोदा को पौराणिक ग्रंथों में नंद की पत्नी कहा गया है। भागवत पुराण में यह कहा गया है देवकी के पुत्र भगवान श्रीकृष्ण का जन्म देवकी के गर्भ से मथुरा के राजा कंस के कारागार में हुआ। कंस से रक्षा करने के लिए जब वासुदेव जन्म के बाद आधी रात में ही उन्हें यशोदा के घर गोकुल में छोड़ आए तो उनका पालन पोषण यशोदा ने किया। यह सोचने की यह बात है कि भगवान श्री कृष्ण ने अपनी माता देवकी के गर्भ से जन्म लिया था लेकिन वास्तव में हमारे शास्त्रों में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा शिशु रूप में जल के कमल में आकर प्रकट होता है यह लीला पूर्ण परमेश्वर कबीर साहिब जी ने की थी, जो काशी के लहर तारा नामक तालाब पर आकर प्रकट हुए थे   इसके साथ पालन पोषण के बारे में भी भगवान श्री कृष्ण का पालन पोषण गोकुल में यशोदा जी के द्वारा किया गया था वहीं पर कबीर परमेश्वर का पालन पोषण ...

सतलोक कहां है ।।

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# EternalHome_Satlok   सतलोक क्या है  क्या आपने कभी सोचा है सतलोक वह स्थान है जहां हम सभी मनुष्य व जितने भी जीव_जंतु हैं पहले सतलोक में रहते थे वहाँ जन्म_मरण नहीं होता है और हम कभी दुःखी नहीं होते और पूर्ण_परमात्मा_की_भक्ति करते हैं।              हम इस मुत्यु_लोक से कैसे बाहर निकलकर वापस सतलोक कैसे जा सकते  हैं जहां सतलोक में सभी मनुष्यों के पास अपने_घर हैं और सभी के पास पुष्पक_विमान हैं। सतलोक में बाग-बगीचे हमेशा हरे भरे रहते हैं। सतलोक_शास्वत_स्थान है। जिसके बारे में हमारे शास्त्र भी प्रमाणित करते हैं ऋग्वेद_मण्डल_9_सूक्त_96_मंत्र_18 में प्रमाण है कि पूर्ण_परमात्मा_कविर्देव तीसरे मुक्ति धाम अर्थात् सतलोक में रहता है। जहाँ जाने के बाद मनुष्य का फिर से जन्म_मरण नहीं होता है।  सतलोक केवल पूर्ण_संत_रामपाल_जी_महाराज_जी से नाम उपदेश लेने के बाद ही जाया जा सकता है, अन्य कोई तरीका नहीं है।  जिसके बारे में हमारे सभी शास्त्र_प्रमाणित करते हैं               जिस प्रकार ...

बाईबल के अनुसार अल्लाह कबीर है

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अल्लाह कौन है :-  पवित्र ग्रंथ बाईबल का ज्ञान देने वाला एक ही अल्लाह है।  बाईबल में उस अल्लाह ने कहा है कि मैंने ही दाऊद, मूसा तथा ईशा को क्रमशः तौरात, जबूर तथा इंजिल पुस्तकों का ज्ञान दिया था। कुरान का ज्ञान हज़रत मुहम्मद को दिया गया था। मुसलमान धर्म के पवित्र शास्त्र प्रमाणित करते हैं कि सर्व सृष्टी रचनहार सर्व पाप विनाशक, सर्व शक्तिमान, अविनाशी परमात्मा मानव सदृश शरीर में आकार में है तथा सत्यलोक में रहता है। उसका नाम अल्लाह कबीर है।          बाईबल में प्रमाण है कबीर परमात्मा ही अनेक रूप बना के भक्ति में आस्था बनाये रखते हैं। उन्होंने ही अल-खिद्र की लीला भी की। पवित्र बाइबल में प्रमाण है कि कबीर परमेश्वर नहीं संपूर्ण सृष्टि की रचना 6 दिन में की और साथ में दिन तक पर जा विराजे वही अल्लाहू अकबर है जिसने हम सभी मनुष्यों को खाने के लिए छोटे-छोटे पौधे के बीच उत्पन्न किया यही मनुष्य का आ रहे हैं मांस खाने का भी आदेश नहीं दिया अधिक जानकारी के लिए आप अवश्य देखिए साधना टीवी पर सत्संग शाम 7:30 से 8:30 तक।।    

कबीर साहिब जी की जयंती नहीं प्रकट दिवस मनाया जाती है ।।

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# KabirPrakatDiwasNotJayanti         सभी देवों का जन्म दिवस तो आखिर कबीर साहिब जी का प्रकट दिवस क्यों ? पूर्ण परमात्मा कबीर जी के अलावा सभी देव जन्म-मृत्यु में हैं और प्रकट दिवस सिर्फ अविनाशी परमात्मा का ही मनाया जाता है                  क्योंकि वह जन्म नहीं लेते बल्कि हर युग में कमल के फूल पर प्रकट होते हैं।            सिर्फ कबीर जी का ही प्रकट दिवस क्यों     क्योंकि ऋग्वेद मंडल नंबर 9 सूक्त 1 मंत्र 9 में प्रमाण है कि वह परमात्मा सतलोक से शिशु रूप धारण करके प्रकट होता है और कुंवारी गायों के दूध से उसकी परवरिश होती है । ऋग्वेद  मंडल नंबर 9 सूक्त 96 मंत्र 17 में भी वर्णन है कि पूर्ण परमात्मा कबीर जी जान बूझकर बालक रूप में प्रकट होते है। इसलिए उनका प्रकट दिवस मनाया जाता है  चारों युगों में सिर्फ कबीर परमात्मा के प्रकट होने के ही प्रमाण हैं सतयुग में सत सुकृत नाम से, त्रेता में मुनीन्द्र नाम से,  द्वापर में करुणामय नाम से, और कलयुग में अपने असली नाम कबीर ...

सुष्टि के रचयिता कौन है

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# DeepKnowlegde_Of_GodKabir   वास्तविक धर्म का ज्ञान                                 कबीर परमेश्वर जी ने सभी धर्मों के लोगों को संदेश दिया कि सब मानव एक परमात्मा की संतान हैं। अज्ञानता वश हम अलग-अलग जाति धर्मों में बंट गये।  जीव हमारी जाति है,मानव धर्म हमारा। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा।। हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, आपस में सब भाई-भाई। आर्य जैनी और विश्‍नोई, एक प्रभु के बच्चे सोई।।                      इसके साथ ही कबीर परमेश्वर ने ही यथार्थ ज्ञान बताया कि ब्रह्मा विष्णु महेश की जन्म और मृत्यु होती है, ये अविनाशी नहीं है।  यही प्रमाण श्रीमद्देवी भागवत पुराण, स्कंद 3, अध्याय 5 में है। कबीर परमेश्वर ने बताया कि ब्रह्मा, विष्णु, महेश की भी जन्म तथा मृत्यु होती है। इनकी माता दुर्गा तथा पिता काल (ब्रह्म) हैं। कबीर, मां अष्टंगी पिता निरंजन, ये जम दारुण वंशन अंजन। तीन पुत्र अष्टंगी जाए, ब्रह्मा विष्णु शिव नाम धराए।। इतना ह...

कबीर परमेश्वर जी द्वारा जीवों का उद्धार करना

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DivinePlay_Of_GodKabir        कबीर जी को आज तक हमने केवल एक महान् कवि के रूप में सुना था, वह एक महान कवि ही नहीं,सभी धर्मों के शास्त्रों के अनुसार वे एक पूर्ण परमात्मा है जो सम्पूर्ण सृष्टि के रचयिता हैं जिसके बारे में आज तक हमारे को किसी ने जानकारी नहीं दी, आखिर ऐसा क्या कारण है उनके बारे में बहुत सारे गुडरहस्य छुपे हुए हैं जिसके बारे में कुछ एक गूढ़ रहस्य के बारे में नीचे जानकारी दी जा रही है इसे आप गहराई से अवश्य जानने की कोशिश करें ।। " सम्मन को पार करना"                सम्मन एक बहुत गरीब व्यक्ति था। जब कबीर परमात्मा का भक्त बना। तब परमात्मा के आशीर्वाद से दिल्ली का महान धनी व्यक्ति हो गया, परंतु मोक्ष की इच्छा नहीं बनी। सम्मान ने अपने परमेश्वर रूप सतगुरु के लिए अपने बेटे की कुर्बानी की थी। जिस कारण अगले जन्म में नौशेरखान शहर के राजा के घर जन्मा। फिर ईराक देश में बलख नामक शहर का राजा अब्राहिम सुल्तान बना। परमात्मा ने उस आत्मा के लिए अनेकों लीलाएं की और उसका उद्धार किया।            "...

कबीर परमेश्वर की महिमा

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# Miracles_Of_GodKabir                                              जैसा कि वेदों में प्रमाण है कि #परमात्मा जब #धरती पर आता है तब शिशु रूप में #कुंवारी गायों का #दूध पीता है वह कबीर परमेश्वर ही है जो आज से 600 साल पहले भारत की धरती पर काशी शहर में एक साधारण #जुलावे की भूमिका निभाकर  #सशरीर_सतलोक चले गए थे ।। "# शिशु_कबीर_देव_द्वारा_कुँवारी_गाय_का_दूध_पीना"    जब बालक कबीर को दूध पिलाने की कोशिश में #नीरू_नीमा असफल रहे। तब #कबीर_साहेब ने कहा #कुँवारी_गाय ले आओ मैं उसका #दूध_पीऊँगा। ऐसा ही हुआ। जिसका प्रमाण #ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 में प्रमाण है कि #पूर्ण_परमात्मा अमर पुरुष जब लीला करता हुआ बालक रूप धारण करके स्वयं प्रकट होता है तब कुँवारी गाय अपने आप दूध देती है जिससे उस पूर्ण प्रभु की परवरिश होती है।             "# शिशु_कबीर_परमेश्वर_का_नामांकन "                   ...

कबीर परमेश्वर जी की परीक्षा

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# 52_Cruelities_On_GodKabir कबीर साहिब जी ने हमेशा ही सच्चे ज्ञान को बताने का प्रयास किया, जिसके कारण से आज से 600 साल पहले जब कबीर परमात्मा धरती पर आए थे तब भी हिंदू और मुस्लिम धर्म के धर्मगुरु कबीर साहिब जी के खिलाफ थे, क्योंकि कबीर साहिब जी, हमेशा सत्य बातें बताते थे और  कबीर परमात्मा कहते हैं जो अपना होता है वह सत्य बात करता है और सत्य बात कड़वी होती है जिसके कारण से हिन्दूओं के धर्मगुरु तथा मुसलमानों के काजी हमेशा ही कबीर साहिब जी से नाराज़ रहते थे।। जिसके कहीं प्रमाण जब कबीर साहेब जी सिकंदर लोधी के दरबार में बैठकर सत्संग कर रहे थे,तब शेखतकी ने सिपाही से कहा कि लोहे को गर्म करके पिघलाकर पानी की तरह बनाओ और कबीर साहेब पर डालो। ठीक ऐसा ही हुआ जब लोहा गर्म करके पिघलाकर कबीर साहेब पर डाला तब वह फूल बन गए जैसे की मानो फूलों की वर्षा होने लगी। तब सभी ने कबीर साहेब की जय जयकार लगाई।  इसी प्रकार से कबीर साहेब जब सत्संग कर रहे थे तब शेखतकी ने सिपाही से कहा कि इनके गले में जहरीला साँप डाल दो लेकिन वो साँप कबीर साहेब के गले में डालते ही सुंदर पुष्पों की माला बन गया। क्यो...

कबीर परमेश्वर की मगहर लीला

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   # MagharLeela_Of_GodKabir आज जिस प्रकार से भाई-भाई आपस में लड़ाई झगड़े कर रहे हैं वहीं कबीर परमेश्वर जी ने आज से 600 साल पहले काशी में एक साधारण जुलावे की भूमिका निभाकर आम आदमी नहीं हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्मों को एक करने का काम किया ।। राम और अल्लाह एक ही हैं! 600 साल पहले कबीर साहेब ने मगहर में शरीर छोड़ने से पहले सभी लोगो को अपना ज्ञान समझाते हुए कहा कि राम और अल्लाह एक ही हैं सभी धर्मों के लोग एक परमपिता की संतान है।  जिस प्रकार से मगहर में हिन्दू मुसलमानों के बीच का युद्ध टाल दिया था परमात्मा ने। हिन्दू मुसलमानों में यह झगड़ा था कि वे अपने गुरु कबीर परमेश्वर जी का अंतिम संस्कार अपनी-अपनी विधि से करना चाहते थे। कबीर जी द्वारा मगहर में शरीर त्यागने के बाद उनके शरीर की जगह सुगन्धित पुष्प मिले जिस वजह से हिन्दू मुस्लमान का भयंकर युद्ध टला था। वे सभी एक दूसरे के सीने से लग कर रोये थे जैसे किसी बच्चे की माँ मर जाती है। यह समर्थता कबीर परमेश्वर जी ने दिखाई जिससे गृहयुद्ध टला।  इसके साथ ही मगहर से सशरीर सतलोक गमन करके कबीर परमेश्वर ने हि...

कबीर परमेश्वर चारों युगों में आते हैं

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# GodKabir_Comes_In_4_Yugas                                                         कबीर परमेश्वर जी चारों युगों में अपने सत्य ज्ञान का प्रचार करने के लिए आते हैं। सतगुरु पुरुष कबीर हैं, चारों युग प्रवान। झूठे गुरुवा मर गए, हो गए भूत मसान।। पूर्ण परमात्मा कविर्देव (कबीर परमेश्वर) वेदों के ज्ञान से भी पूर्व सतलोक में विद्यमान थे तथा अपना वास्तविक ज्ञान (तत्वज्ञान) देने के लिए चारों युगों में भी स्वयं प्रकट हुए हैं।                               सतयुग में सतसुकृत नाम से, त्रेतायुग में मुनिन्द्र नाम से, द्वापर युग में करूणामय नाम से तथा कलयुग में वास्तविक कविर्देव (कबीर प्रभु) नाम से प्रकट हुए हैं।  सतयुग में कविर्देव (कबीर साहेब) का सत्सुकृत नाम से प्राकाट्य“ पूर्ण प्रभु कबीर जी (कविर्देव) सतयुग में सतसुकृत नाम से स्वयं प्रकट हुए थे। उस समय गरुड़ जी, श्री ...

सुष्टि के रचयिता कौन है जानिए ।।

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# GodKabir_CreatorOfUniverse                                                      हम सब ने आज तक यही सुना होगा, कि कबीर एक महान कवि थे लेकिन वास्तव में वे महान कवि नहीं सम्पूर्ण सृष्टि के रचयिता भी हैं जिसकी जानकारी आज तक हमारे पास नहीं पहुंच, जिनके बारे में ,वेद,पुराण, कुरान सभी गवाह देते हैं                   "सृष्टि के उत्पत्ति कर्ता पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी" है #इन्होंने_देखा_है_परमात्मा आदरणीय गरीबदास साहेब जी की अमृतवाणी में सृष्टी रचना का प्रमाण है आदि रमैणी (सद् ग्रन्थ पृष्ठ नं. 690 से 692 तक) आदि रमैंणी अदली सारा। जा दिन होते धुंधुंकारा ।। सतपुरुष कीन्हा प्रकाशा। हम होते तखत कबीर खवासा ।। अर्थात पहले केवल अंधकार था तथा पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी सत्यलोक में तख्त पर विराजमान थे। हम वहाँ चाकर थे। परमात्मा ने ज्योति निरंजन को उत्पन्न किया। फिर उसके तप के प्रतिफल में इक्कीस ब्रह्मण्...

कबीर साहिब जी किस किसको मिले ।।

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#Witnesses_of_GodKabir  कबीर परमेश्वर जी का मिलन :- आज तक हमने कबीर साहिब जी को केवल एक कवि ही मान रखा था, लेकिन वास्तव में कबीर साहिब ही पूर्ण परमात्मा है जिसका प्रमाण सभी शास्त्र, सदग्रंथों, तथा सभी महापुरुषों ने दिया है।। परमात्मा कबीर साहेब ही नरसिंह रूप धर कर आए थे'  वाणी:- गरीब प्रहलाद भक्त कुँ दई कसौटी, चौरासी बर ताया। नरसिंह रूप धरे नारायण, खंभ फाड़ कर आया।                         इसी प्रकार से त्रेता युग में कबीर परमेश्वर मुनींद्र नाम से प्रकट हुए तथा नल व नील को शरण में लिया। उनकी कृपा से ही समुद्र पर पत्थर तैरे। धर्मदास जी की वाणी में इसका प्रमाण है, रहे नल नील जतन कर हार, तब सतगुरु से करी पुकार। जा सत रेखा लिखी अपार, सिंधु पर शिला तिराने वाले। धन्य-धन्य सत कबीर भक्त की पीड़ मिटाने वाले।            इसके अलावा हमने यह कभी नहीं सुना था, कि विभीषण और मंदोदरी को मिले थे लेकिन वास्तव में  "कबीर सागर" में प्रमाण है कि त्रेतायुग में कबीर परमेश्वर जी मुनींद्...